उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव का बिगुल बज गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि इन सीटों पर 16 अक्तूबर को मतदान होगा और उसी दिन शाम को मतगणना के बाद नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे। यह चुनाव यूपी से राज्यसभा के 10 सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में पूरा होने के चलते कराया जा रहा है।
आयोग ने साथ ही उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर द्विवार्षिक चुनाव और पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव की तारीखें भी घोषित कीं। इन दोनों सीटों पर भी 16 अक्तूबर को ही मतदान होगा। पश्चिम बंगाल की सीट सांसद रुक्मिणी मल्लिक के 16 जुलाई को इस्तीफा देने से खाली हुई थी।
नामांकन से नतीजे तक का पूरा कार्यक्रम
आयोग के शेड्यूल के अनुसार, यूपी की 10 सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी और इसी के साथ नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्तूबर तय की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्तूबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्तूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।
16 अक्तूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। इसके तुरंत बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और उसी दिन देर शाम तक नतीजे सामने आ जाएंगे। आयोग ने पूरी चुनाव प्रक्रिया 19 अक्तूबर तक संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। मतदान के दौरान निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विधायकों को आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए विशेष बैंगनी रंग के स्केच पेन का ही इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा।
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अहम मुकाबला
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की कुल 31 सीटें हैं, जिनमें से 10 सीटों के लिए यह चुनाव प्रदेश के 403 सदस्यीय विधानसभा में मौजूद विधायकों के वोटों के आधार पर होगा। यह चुनाव ऐसे समय हो रहा है जब राज्य में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं, इसलिए इसे सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल सपा समेत अन्य दलों के लिए विधानसभा में अपनी मौजूदा ताकत परखने का मौका भी माना जा रहा है।
आगामी दिनों में विभिन्न दलों की ओर से उम्मीदवारों के नामों का एलान और गठबंधन को लेकर सरगर्मी तेज होने की संभावना है। उम्मीदवारों के नाम सामने आने और नामांकन प्रक्रिया शुरू होने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

