अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहे टकराव में अमेरिका को “बहुत जल्द” जीत मिलेगी। साथ ही, यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले दोबारा सैन्य हमले हो सकते हैं, उन्होंने इस संभावना को खारिज नहीं किया और कहा कि यह “संभव” है, हालांकि वह ऐसा कहना नहीं चाहते। रविवार (स्थानीय समय) को PGA टूर प्रेसिडेंट्स कप के दौरान फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने यह बात कही। ये बयान ट्रंप के दावे और संकेत हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
ट्रंप ने क्या कहा
ट्रंप ने कहा कि युद्ध खत्म होते ही तेल की कीमतें युद्ध से पहले के स्तर तक गिर जाएंगी। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है, और इसके लिए परमाणु प्रतिरोध को उन्होंने पूरे मामले की कुंजी बताया।
“ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट” के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका सैन्य दबाव और आर्थिक दबाव, दोनों मोर्चों पर सफल हो रहा है। उन्होंने कहा कि सैन्य नजरिए से युद्ध वह पहले ही जीत चुके हैं, हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि लड़ाई रोक दी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की अर्थव्यवस्था खत्म हो चुकी है। ये सभी दावे ट्रंप के हैं और इन्हें स्वतंत्र आंकड़ों से परखा जाना बाकी है।
ईरान का जवाब
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एनबीसी न्यूज से बातचीत में कहा कि तेहरान युद्ध फिर शुरू होने के लिए पूरी तरह तैयार है और यह ट्रंप पर निर्भर है कि वह क्या चुनते हैं। अराघची ने यह भी कहा कि ट्रंप ने जिस प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से खारिज किया, उसकी जानकारी तेहरान को तय कूटनीतिक माध्यमों से औपचारिक रूप से नहीं दी गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान समुद्री गलियारा दोबारा खोलने को समझौते का हिस्सा बनाने के लिए तैयार है और अपना तेल बेचने की अनुमति चाहता है। अराघची ने बताया कि ये शर्तें जून में हुए एक अस्थायी संघर्षविराम के समझौता ज्ञापन (एमओयू) जैसी ही हैं, जो उसके कुछ समय बाद दोनों पक्षों के जवाबी हमलों के बाद टूट गया था।
क्यों अहम है यह बयान
अमेरिका में नवंबर में मध्यावधि चुनाव हैं, जिनमें कांग्रेस का नियंत्रण दांव पर है। युद्ध के दौरान तेल की कीमतों में उछाल और महंगाई अमेरिकी राजनीति में बड़ा मुद्दा रही है। इसी संदर्भ में चुनाव से पहले नए हमलों की संभावना पर ट्रंप का जवाब अहम माना जा रहा है। अमेरिका की ओर से फिलहाल किसी नए हमले की घोषणा नहीं हुई है।

