दिल्ली में बुधवार को विपक्षी INDIA गठबंधन की बैठक शुरू होने से पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गठबंधन और राहुल गांधी के नेतृत्व पर निशाना साधा। चौहान ने दावा किया कि गठबंधन के दल राहुल गांधी को नेता मानने को तैयार नहीं हैं, इसलिए कुछ सहयोगी बैठक से दूर हैं। विपक्ष की ओर से इस दावे पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। बैठक कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हो रही है। इसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा होनी है।
चौहान का दावा
चौहान ने कहा कि गठबंधन बैठक से पहले ही बिखर गया है। उनके मुताबिक कांग्रेस के भीतर भी राहुल गांधी को नेता मानने में हिचक है, और राहुल खुद कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में अपने ऊपर भरोसा करने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि DMK बैठक में नहीं आ रही, अखिलेश यादव कहीं और व्यस्त हैं और आम आदमी पार्टी ने पहले ही बैठक में आने से मना कर दिया। उद्धव ठाकरे के बारे में उन्होंने कहा कि वे शारीरिक रूप से नहीं, वर्चुअली जुड़ेंगे। कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर असहमति के दावे का कोई प्रमाण चौहान ने नहीं दिया। यह उनका अपना बयान है।
बैठक की जमीनी तस्वीर
रिपोर्टों के अनुसार बैठक में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, सुप्रिया सुले, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला पहुंचे। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर बताया कि कांग्रेस, सपा, तृणमूल, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (यूबीटी), राजद, माकपा और भाकपा समेत 19 दल बैठक में शामिल हैं।
चौहान की सूची की कुछ बातें रिपोर्टों से मेल खाती हैं। DMK ने बैठक से दूरी बनाई है। अखिलेश यादव खुद नहीं आए और उन्होंने अपने दो सांसद भेजे। कुछ रिपोर्टों में इसे कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान से जोड़ा गया है। केजरीवाल और स्टालिन भी बैठक में नहीं हैं। AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। उन्होंने साथ ही कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग के मुद्दे पर AAP विपक्ष के साथ खड़ी है। उद्धव ठाकरे के वर्चुअल जुड़ने की बात चौहान की ओर से कही गई है, जिसकी पुष्टि हमें स्वतंत्र स्रोत से नहीं मिली।
SIR और महाभियोग का मुद्दा
बैठक बुलाने की वजह SIR और चुनाव आयोग को लेकर विवाद है। विपक्ष SIR में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोप लगा रहा है और ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग कर रहा है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट है कि संसद के दोनों सदनों में उनके खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव के नोटिस का मसौदा तैयार है और बैठक में उस पर चर्चा हो सकती है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार 23 सितंबर को आई एक रिपोर्ट में SIR को लेकर चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों का जिक्र था, जिसके बाद विपक्ष की सक्रियता बढ़ी। विपक्षी दल SIR पर रोक और नाम हटाए जाने के मामलों की जांच की मांग भी कर रहे हैं।
चौहान ने SIR पर विपक्ष के रुख को खारिज किया। उन्होंने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की आत्मा है और जिसका निधन हो चुका है या जो देश का नागरिक नहीं है, उसका नाम सूची में क्यों रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हार का ठीकरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फोड़ता है और वोट चोरी का बहाना बनाता है। उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने सवाल किया कि अखिलेश यादव की 37 सीटें कैसे आ गईं। यह सपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली सीटों का संदर्भ है।
बैठक के नतीजे और महाभियोग प्रस्ताव पर आगे के कदम की जानकारी बैठक खत्म होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

