उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल की कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के साथ एक तस्वीर सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत में चर्चा तेज हो गई है। तस्वीर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने सोशल मीडिया पर साझा की है। मित्तल हाल ही में राजनीति में आने की घोषणा कर चुकी हैं और साफ कह चुकी हैं कि वे किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी। तस्वीर पर अब तक न मित्तल की ओर से कोई प्रतिक्रिया मिली है, न राजा भैया की ओर से।
राजावत की पोस्ट में क्या था
राजावत ने पोस्ट में मित्तल का राजनीति के “कुरुक्षेत्र” में स्वागत किया और लिखा कि IAS का अनुभव और राजा भैया की जमीनी पकड़ मिलकर क्या उत्तर प्रदेश में नई दिशा की शुरुआत होगी। इसी सवाल के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें शुरू हुईं। पोस्ट में यह नहीं कहा गया कि मित्तल किसी दल या गठजोड़ से जुड़ रही हैं। तस्वीर कहां और कब की है, यह भी अब तक स्पष्ट नहीं है।
क्या उत्तर प्रदेश में राजनीति का एक नया अध्याय शुरू होगा?
जिस तरह पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल जी ने आज से अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करने की घोषणा की है…राजनीति के कुरुक्षेत्र में स्वागत है, दिव्या मित्तल जी!
IAS का अनुभव + राजा भैया जी की जमीनी पकड़ = क्या UP में नई… pic.twitter.com/hPjmUVDqvv— Dr Brijesh singh Rajawat (@DrBrijeshsinghJ) September 29, 2026
पार्टी से जुड़ने की बात नहीं
मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने करीब 13 साल की सेवा के बाद 30 अगस्त को इस्तीफा दिया था। इस महीने उनका इस्तीफा स्वीकार होने की जानकारी भी सामने आई। आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ी मित्तल यूपी सरकार में राजस्व विभाग की विशेष सचिव जैसे पदों पर रह चुकी हैं।
इस्तीफे के करीब एक महीने बाद उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर राजनीति में उतरने की घोषणा की। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि वे राजनीति करेंगी, लेकिन किसी पार्टी के साथ नहीं, बल्कि जनता के साथ। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताया और वहीं से शुरुआत की बात कही। उनका कहना था कि वे उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं जिनकी समस्याएं सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पातीं या जिनकी सुनवाई नहीं होती। उन्होंने लोगों से किसी एक व्यक्ति को मसीहा मानकर इंतजार करने के बजाय खुद बदलाव की पहल करने की अपील भी की।
अभी क्या स्पष्ट नहीं
मित्तल किसी सीट से चुनाव लड़ेंगी या कोई संगठन खड़ा करेंगी, इस बारे में अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। उनकी घोषणा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आई है, जब प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। ऐसे में एक तस्वीर और एक दल के नेता की टिप्पणी के आधार पर उनके किसी औपचारिक राजनीतिक जुड़ाव का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। तस्वीर पर मित्तल या राजा भैया की प्रतिक्रिया आने पर स्थिति साफ हो सकेगी।

