गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 28 सितंबर की देर रात दिल्ली से बदायूं जा रही यात्री बस पर फायरिंग करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मसूरी पुलिस और स्वाट टीम ग्रामीण जोन ने 2 अक्तूबर की तड़के मुठभेड़ के बाद अनस और नदीम को पकड़ा। पुलिस के अनुसार जवाबी फायरिंग में अनस के पैर में गोली लगी। उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। उस वारदात में बस में सवार दो लोग घायल हुए थे।
मुठभेड़ कैसे हुई
पुलिस के मुताबिक मसूरी थाना क्षेत्र में भूड़गढ़ी बंबा पटरी पर चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान स्कूटी पर सवार दो संदिग्ध आते दिखे। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो वे स्कूटी की रफ्तार बढ़ाकर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा किया। पुलिस का आरोप है कि खुद को घिरता देख दोनों ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अनस के पैर में गोली लगी, जबकि नदीम को पकड़ लिया गया।
पुलिस ने बताया कि दोनों के कब्जे से दो अवैध हथियार (एक देशी पिस्टल और एक तमंचा), कारतूस और खोखे बरामद हुए हैं। साथ ही सफेद रंग की वह स्कूटी भी बरामद हुई है, जिसका वारदात में इस्तेमाल होने की बात पुलिस ने कही है।
कौन हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- अनस (26), पुत्र चांद, निवासी जगजीत नगर, थाना न्यू उस्मान नगर, दिल्ली
- नदीम (23), पुत्र अनीश, निवासी न्यू मुस्तफाबाद, नेहरू विहार, थाना दयालपुर, दिल्ली
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने 28 सितंबर को बस पर फायरिंग करने की बात बताई। इस मामले में मसूरी थाने में पहले से मुकदमा दर्ज है और दोनों वांछित चल रहे थे। आरोपियों ने जो बताया, उसकी जांच पुलिस कर रही है।
बस पर कैसे हुई थी फायरिंग
बस दिल्ली के उस्मानपुर से बदायूं जा रही थी। बस चालक के बयान के अनुसार स्कूटी पर सवार दो लोग बस का पीछा कर रहे थे। लालकुआं से आगे उन्होंने कई बार बस पर हमला करने की कोशिश की। आरोप है कि हाईटेक कॉलेज के सामने उन्होंने बस के कंडक्टर वाले हिस्से की तरफ कई राउंड फायरिंग की।
इस फायरिंग में बस के हेल्पर तालिब हुसैन (25) के कंधे के पास और बस मालिक के दोस्त कमरुद्दीन (42) की गर्दन में गोली लगी। सूचना मिलने पर मसूरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया। घायलों की मौजूदा हालत की जानकारी पुलिस के हवाले से अभी उपलब्ध नहीं है।
विवाद की बात, कारण की पुष्टि बाकी
पुलिस के अनुसार बस मालिक के साथ रुपयों के लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है और इसी वजह से हमले की आशंका जताई गई थी। बताया गया है कि चार-पांच दिन पहले भी दिल्ली में दोनों पक्षों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। तब दोनों पक्ष थाने पहुंचे और आपस में समझौता हो गया था। हमले की असली वजह की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।

