बरेली: सेटेलाइट से बैरियर टू तक 7.4 किमी सड़क होगी सिक्सलेन, पीडब्ल्यूडी ने दी एनओसी; बीडीए 62.83 करोड़ रुपये से कराएगा निर्माण

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बरेली: सेटेलाइट से बैरियर टू तक सिक्सलेन सड़क, पीडब्ल्यूडी की एनओसी, बीडीए खर्च करेगा 62.83 करोड़

बरेली। पीलीभीत रोड पर सेटेलाइट बस अड्डे से बैरियर टू तक करीब डेढ़ साल से अटका सिक्सलेन चौड़ीकरण अब शुरू होने की राह पर है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने शुक्रवार को यह सड़क बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) को हस्तांतरित करने की एनओसी जारी कर दी। अब बीडीए 7.4 किलोमीटर लंबी इस सड़क को 62.83 करोड़ रुपये की लागत से सिक्सलेन करेगा। परियोजना को 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

एनओसी और जिम्मेदारी

अब तक यह सड़क पीडब्ल्यूडी के अधीन थी। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता भगत सिंह ने बताया कि सड़क को बीडीए को हस्तांतरित करने के लिए शासन से पत्राचार कर एनओसी जारी की गई है। अब चौड़ीकरण का काम बीडीए कराएगा। बीडीए ने सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे शासन से मंजूरी मिल चुकी है।

दो पैकेज में काम

परियोजना को दो पैकेज में बांटा गया है:

  • पहला पैकेज: बैरियर टू से सुरेश शर्मा नगर चौराहे तक 3.50 किलोमीटर सड़क सिक्सलेन होगी। इस पर 30.42 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • दूसरा पैकेज: सुरेश शर्मा नगर चौराहे से सेटेलाइट तक 3.92 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण होगा। इसकी लागत 32.41 करोड़ रुपये है।

निर्माण के लिए निविदाएं जारी हो चुकी हैं। टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 13 नवंबर है और निविदाएं 16 नवंबर को खोली जाएंगी।

जाम और धूल से राहत की उम्मीद

बीडीए के अनुसार इस मार्ग पर वाहनों का दबाव ज्यादा है और दिनभर में कई बार जाम लगता है। चौड़ीकरण के बाद सेटेलाइट से बैरियर टू तक जाम और उड़ती धूल से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

पृष्ठभूमि

पीलीभीत रोड पर सेटेलाइट से बड़ा बाईपास तक करीब 11.3 किलोमीटर सड़क को सिक्सलेन करने की योजना कई साल से चल रही है। इसके अलग-अलग हिस्सों की जिम्मेदारी पहले पीडब्ल्यूडी और बीडीए के बीच बंटी थी। बैरियर टू से बड़ा बाईपास तक के करीब चार किलोमीटर हिस्से का काम बीडीए के जिम्मे रहा। सेटेलाइट से बैरियर टू तक के हिस्से के लिए पीडब्ल्यूडी ने अलग प्रस्ताव और अनुमान भेजे थे, जो संशोधित होते रहे और स्वीकृति में देरी हुई। अब यह हिस्सा भी बीडीए के पास आने से पूरे मार्ग पर निर्माण की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी के पास होगी।

आगे क्या

अब निविदा प्रक्रिया पूरी होने और कार्यदायी संस्था तय होने के बाद काम की शुरुआत की तारीख स्पष्ट होगी। 18 माह की समय-सीमा काम शुरू होने की तारीख से मानी जाएगी।

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