मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे गुरुवार, 29 अक्टूबर की शाम दादर में एक ही मंच पर नजर आए। मौका था मराठी कार्टून कला पर आधारित पुस्तक ‘महाराष्ट्राच्या हास्यरेषा’ के विमोचन का। कार्यक्रम में तीनों नेताओं ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे पर हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकियां लीं। फडणवीस ने भाषण की शुरुआत में कहा, “बाकी सब लेफ्ट में चले गए, इसलिए मैं राइट में आ गया।”
कार्यक्रम और पुस्तक
कार्यक्रम दादर के स्वातंत्र्यवीर सावरकर स्मारक सभागृह में ग्रंथाली प्रकाशन की ओर से आयोजित किया गया। पुस्तक का संपादन वरिष्ठ व्यंग्यचित्रकार प्रशांत कुलकर्णी ने किया है और इसमें मराठी व्यंग्यचित्र कला के सौ साल के सफर को समेटा गया है। विमोचन मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों हुआ। राज्य के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार भी मंच पर मौजूद थे।
फडणवीस की चुटकियां
फडणवीस ने बताया कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने मंच के बाईं ओर से भाषण दिया, जबकि वे दाईं ओर रखे माइक पर पहुंचे। इसी पर उन्होंने “लेफ्ट-राइट” वाली टिप्पणी की। शेलार के इस जिक्र पर कि राज ठाकरे के बुलाने पर मुख्यमंत्री आते हैं, फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की ओर इशारा करते हुए कहा कि 2019 से पहले जब भी उद्धव ने फोन किया, वे गए, लेकिन उसके बाद फोन ही नहीं आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में ऐसा नहीं है कि राजनीतिक विरोधी एक-दूसरे के साथ कार्यक्रम नहीं कर सकते। उनके अनुसार नेता साथ कार्यक्रम कर सकते हैं, हंस सकते हैं और चाय भी पी सकते हैं। उन्होंने राज ठाकरे के सुझाव पर विमोचन के लिए उन्हें बुलाए जाने का आभार जताया।
कार्टून पर बात करते हुए फडणवीस ने बताया कि उन्होंने एक बार राज ठाकरे से आग्रह किया था कि वे उनका कार्टून बनाएं तो नाक-कान बड़े दिखा दें, लेकिन पेट बड़ा न दिखाएं। उनके अनुसार राज ठाकरे ने यह बात मान ली। मुख्यमंत्री ने मजाक में कहा कि हाल में उन्होंने कुछ वजन घटाया है, इसलिए उम्मीद है कि कार्टूनिस्ट अब उन्हें बख्श देंगे। राज ठाकरे की एक टिप्पणी के जवाब में उन्होंने कहा कि हर किसी को अपने क्षेत्र में काम करना चाहिए। राज बेहतरीन कार्टूनिस्ट हैं और उद्धव बेहतरीन फोटोग्राफर, इसलिए उन्हें राजनीति आराम से करने दी जाए।
राज ठाकरे की टिप्पणियां
राज ठाकरे ने शेलार के बयान का हवाला देते हुए चुटकी ली कि अब आगे भी मुख्यमंत्री को बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा, रिपोर्ट के अनुसार, कि 2029 तक उन्हें “यहीं रखा जाए”। यह टिप्पणी हल्के-फुल्के लहजे में की गई थी।
राज ठाकरे ने अपने जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स के दिनों का किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने तीन साल पढ़ाई के बाद कोर्स छोड़ दिया था, इसलिए वे स्नातक नहीं हैं। फिर भी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में उम्मीदवार बन सकते हैं। उन्होंने इसे व्यवस्था पर व्यंग्य बताया।
एक मंच पर तीनों नेताओं की मौजूदगी पर राज ठाकरे ने कहा कि रोज एक-दूसरे पर टिप्पणी करने वाले नेताओं का साथ आना खबर बन जाता है। उनके अनुसार कला, संगीत और शादियों जैसे मंचों पर मतभेद किनारे रखकर साथ आना महाराष्ट्र की संस्कृति है।
शेलार और उद्धव ठाकरे
आशीष शेलार ने कहा कि कला के लिए सभी नेता साथ आ सकते हैं। उन्होंने राज ठाकरे से आग्रह किया कि वे मुख्यमंत्री को इसी तरह बुलाते रहें और उद्धव ठाकरे व उन्हें भी बताकर कार्यक्रम करते रहें। शेलार ने यह भी बताया कि उद्धव ठाकरे ने कार्टून बनाने का शौक होने की बात मानी है। उन्होंने सुझाव दिया कि पुस्तक के कुछ पन्ने उनकी बनाई कार्टून सामग्री से पूरे हो सकते हैं। उद्धव ठाकरे ने भाषण में शेलार और राज ठाकरे का जिक्र करते हुए हल्की टिप्पणी की। उनके अनुसार शेलार को जल्दी दिल्ली जाना था, इसलिए कार्यक्रम जल्दी खत्म होने की बात हुई थी।
अटकलें, पर कोई ब्योरा नहीं
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि कार्यक्रम से पहले तीनों नेताओं की बंद कमरे में बातचीत हुई, जिसके बाद इस मुलाकात के राजनीतिक मायनों पर चर्चा तेज हो गई। बातचीत में क्या हुआ, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। किसी नेता ने भी इसका ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है।
पृष्ठभूमि
फडणवीस इससे पहले कह चुके हैं कि वे 2029 तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। गुरुवार के कार्यक्रम में दिए गए बयान पुस्तक विमोचन के मंच पर मजाकिया लहजे में थे।

