स्कूल मान्यता फर्जीवाड़ा: कल्लाकुरिची में फरार आरोपी मुथुकुमार के रिश्तेदारों के ठिकानों पर CCB की तलाशी, 30 दस्तावेज जब्त

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स्कूल मान्यता फर्जीवाड़ा: कल्लाकुरिची में फरार आरोपी मुथुकुमार के रिश्तेदारों के ठिकानों पर CCB की तलाशी, 30 दस्तावेज जब्त

चेन्नई पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) ने निजी स्कूलों को सरकारी मान्यता दिलाने के नाम पर कथित फर्जीवाड़े के मामले में शनिवार को कल्लाकुरिची जिले में चार जगहों पर तलाशी ली। ये ठिकाने इस मामले में फरार आरोपी मुथुकुमार के रिश्तेदारों से जुड़े हैं। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई में बैंक रिकॉर्ड समेत 30 दस्तावेज जब्त किए गए। जांच में तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।

कहां और किसके यहां हुई तलाशी

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तलाशी मुथुकुमार के रिश्तेदारों सरवनन और रमेश के घरों के साथ गोकुलकृष्णन के घर और दुकान पर ली गई। CCB का कहना है कि जांच में सरवनन वित्तीय लेनदेन में मुथुकुमार का सहयोगी पाया गया। पुलिस का आरोप है कि मुथुकुमार चेन्नई के टी. नगर में ‘ग्लोबल 360 डिग्री’ नाम की फर्म चलाता था और उसने निजी स्कूल प्रबंधनों से तमिलनाडु स्कूल शिक्षा विभाग की मान्यता दिलाने का झूठा वादा कर पैसे लिए। मामला चेन्नई पुलिस आयुक्त को दी गई शिकायत के बाद दर्ज हुआ।

अब तक की जांच

रिपोर्टों के मुताबिक, CCB ने इस मामले में मुख्य आरोपी बताए गए बी.टी. अरसाकुमार को 27 जून को गिरफ्तार किया था। अब तक कुल तीन आरोपी अरसाकुमार, सुरेश और राजा गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि मुथुकुमार फरार बताया जा रहा है। जांच एजेंसी ने आरोपियों और उनके परिजनों से जुड़े बैंक खातों की पहचान की है। बताया गया है कि अरसाकुमार और उसके परिवार से जुड़े 20 खाते और मुथुकुमार से जुड़े 29 खातों की वित्तीय जांच हो रही है।

पूर्व मंत्री से जुड़ा पहलू

CCB ने सितंबर के मध्य में चेन्नई और तिरुचिरापल्ली में पूर्व मंत्री और उनके सहयोगियों से जुड़े नौ ठिकानों पर तलाशी ली थी। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें संपत्ति के दस्तावेज, बैंक विवरण, चेक और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। इसके बाद अनबिल महेश 18 सितंबर को अपने वकीलों के साथ पूछताछ के लिए CCB के सामने पेश हुए। कुछ रिपोर्टों में इस कथित फर्जीवाड़े की रकम 100 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि अन्य में इसे मल्टी-क्रोड़ यानी कई करोड़ का मामला कहा गया है। सटीक आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

ये सभी आरोप जांच के स्तर पर हैं। अदालत में किसी के खिलाफ दोष सिद्ध नहीं हुआ है, और उपलब्ध रिपोर्टों में पूर्व मंत्री या मुथुकुमार के रिश्तेदारों का पक्ष शामिल नहीं है। CCB जब्त दस्तावेजों के आधार पर लेनदेन की कड़ियां जोड़ने और यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां हुआ।

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