IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामला: फैकल्टी फोरम अध्यक्ष बोले, ‘दुल्ला ने नियमों के मुताबिक की कार्रवाई’

7 Min Read
IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामला: फैकल्टी फोरम अध्यक्ष बोले, 'दुल्ला ने नियमों के मुताबिक की कार्रवाई'

मुंबई IIT बॉम्बे में छात्र साहिल रविंद्र वाकोड़े की आत्महत्या के मामले में संस्थान के फैकल्टी फोरम अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राजकुमार एस. पंत ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला का समर्थन किया है। पंत का कहना है कि परीक्षा के दौरान छात्र को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए देखने के बाद दुल्ला ने संस्थान के नियमों के अनुरूप कार्रवाई की थी। उनका यह भी दावा है कि साहिल ने कथित जातिगत भेदभाव को लेकर संस्थान के एससी/एसटी सेल में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। पंत का यह बयान ऐसे समय आया है जब मामले में पुलिस की जांच जारी है और IIT बॉम्बे प्रशासन प्रोफेसर दुल्ला को डीन के पद से पहले ही निलंबित कर चुका है।

मामले की पृष्ठभूमि

पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 20 वर्षीय साहिल वाकोड़े IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र थे। हाल ही में उनका शव हॉस्टल के कमरे में मिला था। साहिल के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि बीते तीन-चार महीनों के दौरान उनके साथ जातिसूचक टिप्पणी और मानसिक उत्पीड़न हुआ। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है, जिसमें प्रोफेसर दुल्ला का नाम भी शामिल है। मामले की जांच अब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है।

संस्थान के अनुसार, साहिल परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के साथ पकड़े गए थे और कथित तौर पर ChatGPT की मदद से उत्तर खोज रहे थे। इसके बाद विवाद शुरू हुआ। IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर दुल्ला को डीन के पद से निलंबित कर दिया है और अपने एक पुराने बयान पर माफी भी मांगी है। जातिगत भेदभाव के आरोपों पर संस्थान का कहना है कि साहिल ने SC/ST सेल या प्रशासन के सामने ऐसी कोई औपचारिक शिकायत नहीं की थी। इन तमाम आरोपों की सच्चाई की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पंत बोले- जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं

प्रोफेसर पंत ने कहा कि संस्थान एक युवा छात्र की मौत से बेहद दुखी और परेशान है। उन्होंने कहा, “मेरी समझ में पूरी समस्या यह है कि उचित जांच पूरी होने और मामले के तथ्य सामने आने से पहले ही लोगों ने पक्ष लेना और अनुमान लगाना शुरू कर दिया है।” उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही बहस पर भी चिंता जताई और कहा कि यदि हर मामले में सोशल मीडिया के जरिए ही दोषी ठहराने की प्रक्रिया शुरू हो जाए, तो शिक्षकों के लिए अपना काम करना मुश्किल हो जाएगा।

एससी/एसटी सेल में शिकायत के दावे पर सवाल

जातिगत भेदभाव के आरोपों पर पंत ने कहा कि उन्होंने संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर प्रोफेसर रविंद्र गुड़ी से इस बारे में बात की थी। पंत के अनुसार, डिप्टी डायरेक्टर ने उन्हें बताया कि SC/ST सेल की ओर से जारी एक नोटिस में कहा गया था कि पिछले तीन-चार महीनों में साहिल ने सेल से संपर्क नहीं किया था और न ही कोई शिकायत दर्ज कराई थी। यह दावा भी पंत के स्रोत पर आधारित है और साहिल के परिवार के आरोपों से अलग है, इसलिए दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग समझा जाना चाहिए।

‘दुल्ला ने नियमों के मुताबिक काम किया’

पंत ने कहा कि शिक्षक संस्थान की तय प्रक्रियाओं के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं और दुल्ला ने भी वैसा ही किया। उन्होंने बताया कि दुल्ला पहले डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स रह चुके हैं और फिलहाल डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स के पद पर हैं (यह जानकारी निलंबन से पहले की स्थिति है)। पंत ने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से मानता हूं कि वह इस तरह की हरकत करने वाले व्यक्ति नहीं हैं। हालांकि, जो बातें सामने आई हैं, उन पर मैं आगे टिप्पणी नहीं करना चाहता। FIR दर्ज है और कानून अपना काम करेगा।”

पंत ने प्रोफेसर दुल्ला पर लगे कथित टिप्पणियों के आरोपों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस समय ये टिप्पणियां कथित तौर पर की गईं, उस वक्त न तो छात्र के माता-पिता और न ही बाहरी छात्र मौजूद थे, और वे खुद भी वहां नहीं थे।

परीक्षा में नकल पर भी रखी अपनी बात

पंत ने कहा कि परीक्षा में नकल या अनुचित साधनों का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है, और अगर किसी शिक्षक को कोई गड़बड़ी दिखे तो कार्रवाई न करना उन छात्रों के साथ अन्याय होगा जो ईमानदारी से परीक्षा देते हैं।

IIT का माहौल और छात्र कल्याण पर टिप्पणी

पंत ने माना कि IIT बॉम्बे का माहौल काफी प्रतिस्पर्धी है और ऐसे माहौल में छात्रों पर कई तरह के दबाव हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान ने छात्रों की मदद के लिए वेलनेस सेल बनाए हैं और जागरूकता व संवेदनशीलता से जुड़े कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं।

दुल्ला के पक्ष में IIT मद्रास भी आ चुका है

प्रोफेसर पंत ने दुल्ला को संस्थान में छात्र सुधारों का समर्थक बताया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले IIT मद्रास भी प्रोफेसर दुल्ला के समर्थन में सामने आ चुका है। पंत ने अपने बयान के अंत में दोहराया कि मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और तथ्यों के सामने आने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।

छात्रों की ओर से प्रोफेसर दुल्ला के निलंबन और मामले की स्वतंत्र जांच समेत कई मांगों को लेकर परिसर में विरोध प्रदर्शन जारी है। मामले में आगे की जांच और घटनाक्रम सामने आने पर खबर अपडेट की जाएगी।

Share This Article
Exit mobile version