उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के सोरों स्थित संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में शनिवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब कक्षा नौ के छात्रों ने आरोप लगाया कि एक शिक्षक ने उन्हें “जय श्रीराम” बोलने पर फटकार लगाई। छात्रों की शिकायत के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता कॉलेज परिसर पहुंचे और धरना देकर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान परिसर में “जय श्रीराम” के नारे भी लगाए गए।
छात्रों का आरोप, शिक्षक की सफाई
छात्रों का कहना है कि कक्षा के दौरान शिक्षक जनार्दन राम ने उन्हें “जय राम” और “जय श्रीराम” बोलने पर फटकार लगाई थी। छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई और इतिहास को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया।
वहीं इन आरोपों पर सफाई देते हुए शिक्षक जनार्दन राम ने कहा कि वह कक्षा में बच्चों को एक कहानी और उदाहरण के जरिए यह समझा रहे थे कि अलग-अलग धर्मों में आस्था के अलग-अलग स्वरूप होते हैं — जैसे मुस्लिम धर्म में खुदा और ईसाई धर्म में ईसा मसीह को माना जाता है, जबकि हिंदू धर्म में अनेक देवी-देवताओं की मान्यता है। उनके मुताबिक, इसी संदर्भ में उन्होंने बच्चों से एक सामान्य सवाल पूछा था। शिक्षक का कहना है कि उनकी बात को संदर्भ से हटकर गलत तरीके से समझा गया।
बजरंग दल का प्रदर्शन
मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और छात्रों के साथ धरने पर बैठ गए। बजरंग दल के जिला संयोजक गोविंद महेरे ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में धार्मिक भेदभाव और देवी-देवताओं पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान निखिल निर्भय, पीयूष शंकर महेरे, सुधांशु भारद्वाज, सिद्धांत गुप्ता, अर्जुन राम लोटा और यश महेरे समेत कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शिक्षा विभाग ने मांगा जवाब
बढ़ते विवाद को देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) रजनेश कुमार ने बताया कि संबंधित शिक्षक को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उनके मुताबिक, शिक्षक के लिखित जवाब और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल मामले में शिक्षक के खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं हुई है और पूरा मामला जांच के दायरे में है।

