आगरा के खेरागढ़ कस्बे में सोमवार को डाक बंगले पर भाजपा संगठन की बैठक के दौरान परिसर में दो गुटों के समर्थकों में मारपीट हो गई। इसमें सेवला के चोर नगरिया निवासी वीरेश राजपूत ईंट के हमले में लहूलुहान हो गए और उन्हें सीएचसी खेरागढ़ में भर्ती कराया गया। बताया गया है कि दोनों गुटों के समर्थक भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष पद के दो दावेदारों से जुड़े हैं। देर रात स्थानीय नेताओं की मध्यस्थता से दोनों पक्षों में समझौता हो गया और पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई।
बैठक के दौरान क्या हुआ
विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव की तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई गई थी। बैठक डाक बंगले के बरामदे में चल रही थी। उसी दौरान परिसर में कुछ दूरी पर चार युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
नेताओं के कुछ समझ पाने से पहले ही युवक आपस में गुत्थमगुत्था हो गए। इसी बीच एक युवक ने ईंट से हमला कर दिया, जिससे वीरेश राजपूत खून से लथपथ हो गए। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बैठक छोड़कर बाहर आए नेताओं ने समर्थकों को संभालकर अलग किया। इसके बाद घायल को इलाज के लिए सीएचसी खेरागढ़ पहुंचाया गया।
घायल का आरोप
वीरेश भाजपा के जिला मंत्री नरेश शर्मा के साथी बताए गए हैं। उनका दावा है कि भाजयुमो के जिला महामंत्री पंकज कटारा के साथ आए युवकों ने उन पर हमला किया। यह दावा वीरेश का है और इसकी पुलिस जांच या दूसरे पक्ष के बयान से पुष्टि नहीं हुई है। दूसरे पक्ष की ओर से भी कोई पक्ष सामने नहीं आया है।
समझौता, तहरीर नहीं
घटना के बाद देर रात स्थानीय नेताओं ने दोनों पक्षों में बातचीत कराई और समझौता हो गया। किसी भी ओर से थाने में तहरीर नहीं दी गई। दोनों पदाधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।
डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में अब तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब आगे क्या
समझौते और तहरीर न होने से फिलहाल मामले में पुलिस कार्रवाई की संभावना सीमित दिखती है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष पद की दावेदारी और एमएलसी चुनाव की तैयारियों के बीच हुई इस घटना पर संगठन के स्तर पर कोई प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

