पीलीभीत के पूरनपुर में नकली आभूषणों को असली बताकर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से गोल्ड लोन लेने की कोशिश करने वाले गिरोह के छह आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, जांच में आभूषणों में सिर्फ 3.03 प्रतिशत सोना मिला, जबकि उन पर 18 कैरेट का हॉलमार्क लगा था। पुलिस ने नकली आभूषण और हॉलमार्क बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।
बैंक में कैसे खुला मामला
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि 5 नवंबर को हरिपुर उर्फ हरियापुर के निवासी इकरार और पूरनपुर के साहूकारा में रहने वाले सराफा कारोबारी आदेश वर्मा नकली आभूषण लेकर एसबीआई की स्टेशन रोड शाखा पहुंचे थे। जांच में आभूषण नकली निकले। उन पर 18 कैरेट का हॉलमार्क लगा हुआ था।
बैंककर्मी महेश चंद्र गंगवार की तहरीर पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी हॉलमार्क से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने इकरार से एक हार और पेंडल तथा आदेश वर्मा से चार कंगन बरामद किए।
बरामद आभूषण
पुलिस के अनुसार इन आभूषणों में सोने की मात्रा सिर्फ 3.03 प्रतिशत मिली। हार का वजन 21.97 ग्राम, पेंडल का 4.67 ग्राम और चार कंगनों का वजन 39.96 ग्राम था, यानी कुल लगभग 66.6 ग्राम। 18 कैरेट के हॉलमार्क का मतलब 75 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है, जबकि इन आभूषणों में उससे बहुत कम सोना मिला।
आगे की जांच
पुलिस ने छह आरोपियों की गिरफ्तारी और हॉलमार्क बनाने के उपकरण की बरामदगी की जानकारी दी है। शेष चार आरोपियों की भूमिका और नकली आभूषण कहां से आए, इस बारे में पुलिस की ओर से अलग से जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है। सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी है।

