अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, दोनों पर कब्जा कर लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नतीजों को स्वीकार करने की बात कही है और डेमोक्रेट्स के साथ काम करने की इच्छा जताई है। इसी के साथ उन्होंने यह भी साफ किया कि वीटो की ताकत उनके पास है। यह स्थिति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के आखिरी दो सालों की राजनीति तय करेगी।
ट्रंप ने क्या कहा
मंगलवार रात (अमेरिकी समयानुसार) नतीजे आने के दौरान एक अमेरिकी अखबार को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह इन नतीजों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अंग्रेजी से अनुवादित उनके शब्दों में, “हम डेमोक्रेट्स के साथ काम करेंगे… हम संभवतः कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे।”
एक अमेरिकी टीवी चैनल से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट्स ने अच्छा काम किया और वह कई मुद्दों पर उनके साथ काम कर सकते हैं। उन्होंने हारने वाले रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए अफसोस जताया, पर यह भी कहा कि मतदाताओं को उम्मीदवार पसंद नहीं आए। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास वीटो की पूरी शक्ति है और उन्हें भरोसा है कि बात बन जाएगी।
इससे पहले ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा था कि वह बैलेट पर नहीं थे, और अगर होते तो रिपब्लिकन भारी अंतर से जीतते। एक और पोस्ट में उन्होंने कहा कि वह उम्मीदवारों की जीत-हार के कारणों पर ‘राजनीतिक विशेषज्ञ’ की तरह टिप्पणी करेंगे।
सीनेट और हाउस की तस्वीर
चुनाव से पहले सीनेट में रिपब्लिकन के पास 53 और डेमोक्रेट्स (दो निर्दलीय समेत) के पास 47 सीटें थीं। डेमोक्रेट्स को बहुमत के लिए चार सीटों का शुद्ध फायदा चाहिए था। प्रोजेक्शन के मुताबिक उन्होंने रिपब्लिकन के कब्जे वाली सात सीटें छीन लीं। इनमें टेक्सास, साउथ कैरोलिना और कंसास जैसे राज्य शामिल हैं, जिन्हें रिपब्लिकन का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। इसके अलावा मेन, आयोवा, ओहायो और नॉर्थ कैरोलिना की सीटें भी डेमोक्रेट्स के खाते में गईं। मेन में डेमोक्रेट ट्रॉय जैक्सन ने पांच बार की सीनेटर सुसान कॉलिन्स को हराया, जबकि ओहायो में शेरोड ब्राउन ने जॉन हस्टेड को शिकस्त दी।
प्रोजेक्शन के अनुसार डेमोक्रेट्स को कम से कम 54 सीटें मिली हैं, यानी बहुमत के आंकड़े (51) से काफी ऊपर। कुछ मुकाबलों के नतीजे अभी आने बाकी हैं। सीनेट डेमोक्रेटिक नेता चक श्यूमर ने कहा कि तमाम मुश्किलों के बावजूद उनकी पार्टी ने सीनेट जीत ली है।
हाउस की सभी 435 सीटों पर चुनाव हुए। चुनाव से पहले डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें थीं और उन्हें बहुमत के लिए 218 का आंकड़ा चाहिए था। प्रोजेक्शन में यह आंकड़ा पार हो चुका है, और अनुमान है कि पार्टी करीब 255 से 259 सीटें जीत सकती है। अंतिम संख्या में कुछ सीटों का फेरबदल संभव है। हाउस में डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज के स्पीकर बनने की संभावना जताई जा रही है।
इस नतीजे का असर
दोनों सदनों पर नियंत्रण मिलने से डेमोक्रेट्स ट्रंप के मनोनीत लोगों की नियुक्तियों को रोक सकेंगे और कानून पारित कराने की बेहतर स्थिति में होंगे। हाउस में उन्हें समिति नियंत्रण, जांच और सम्मन जारी करने के अधिकार भी मिलेंगे। राष्ट्रपति के वीटो को पलटने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए, जो डेमोक्रेट्स के पास फिलहाल नहीं दिखता। इसलिए कानून बनाने के लिए दोनों पक्षों को समझौते की जरूरत पड़ेगी। नई कांग्रेस जनवरी में कार्यभार संभालेगी।
चुनाव के दौरान आए एक सर्वेक्षण के मुताबिक ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 38 प्रतिशत रही, जो किसी राष्ट्रपति के लिए मिडटर्म में ऐतिहासिक रूप से कम है। सर्वे में 89 प्रतिशत मतदाताओं ने महंगाई को वोट तय करने वाला अहम मुद्दा बताया।
कैसे होते हैं मिडटर्म चुनाव
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद मिडटर्म चुनाव होते हैं। इस बार हाउस की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान हुआ। साथ ही 36 राज्यों में गवर्नर चुने गए। इन चुनावों को राष्ट्रपति के कार्यकाल पर एक तरह का जनमत माना जाता है। अंतिम नतीजों के आधिकारिक रूप से घोषित होने में समय लग सकता है।
अपडेट: यह खबर 4 नवंबर 2026 की दोपहर तक उपलब्ध नतीजों और प्रोजेक्शन पर आधारित है। अंतिम गिनती आने पर इसे अपडेट किया जाएगा।

