कानपुर के मोतीझील स्थित लाजपत भवन ग्राउंड में रविवार रात आयोजित डांडिया नाइट में यूट्यूबर और रैपर एल्विश यादव के पहुंचने पर भीड़ बेकाबू हो गई और मंच के आसपास धक्का-मुक्की हुई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक व्यक्ति भीड़ से निकलकर मंच तक पहुंचता और एल्विश की जैकेट खींचता दिख रहा है। इसी अफरा-तफरी के बीच मंच पर मौजूद उनके एक दोस्त के नीचे गिरने की बात भी सामने आई है। किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक जानकारी नहीं है। आयोजकों या पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
क्या दिखा वायरल वीडियो में
वीडियो में स्टेज पर काफी भीड़ और धक्का-मुक्की दिखाई दे रही है। मंच से एंकर प्रतीक त्रिवेदी और शीतल मागर लगातार भीड़ से शांति बनाए रखने की अपील करते नजर आए। इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अलग-अलग रिपोर्टों में घटना का ब्योरा भिन्न है। कुछ में कहा गया है कि बैरिकेड टूटने के बाद कई लोग मंच पर चढ़ गए और बाउंसरों ने उन्हें नीचे धकेला। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एक व्यक्ति को मंच से नीचे फेंका गया। एक अन्य रिपोर्ट में एल्विश के दोस्त के संतुलन बिगड़ने से नीचे गिरने की बात है। इन ब्योरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
व्यवस्था पर सवाल
कुछ रिपोर्टों के अनुसार मैदान में क्षमता से ज्यादा लोग पहुंच गए थे और इंतजाम पर्याप्त नहीं थे। सोशल मीडिया पर कुछ दर्शकों ने भीड़ प्रबंधन, टिकट और आयोजन की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। इनमें से कई शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थिति संभालने के लिए तैनात पुलिस भी असहाय दिखी। मंच पर सुरक्षा घेरा टूटने से यह सवाल उठ रहा है कि इतनी भीड़ में कोई व्यक्ति कलाकार के इतने करीब कैसे पहुंच गया।
देर से पहुंचे एल्विश
रिपोर्टों के अनुसार कार्यक्रम शाम करीब आठ बजे शुरू हुआ था और स्टार परफॉर्मेंस के इंतजार में दर्शक लगभग तीन घंटे तक जमे रहे। एल्विश रात करीब 10 से 11 बजे के बीच मंच पर पहुंचे। वायरल एक वीडियो में उन्हें देरी के लिए माफी मांगते देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि वे शाम करीब सात बजे से होटल में तैयार बैठे थे, लेकिन आयोजकों की ओर से उन्हें देर से कार्यक्रम स्थल पर लाया गया। इस दावे पर आयोजकों का पक्ष नहीं मिला है।
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि एल्विश ने मंच पर अपने लोकप्रिय गाने गाए और दर्शकों ने जमकर डांस किया। वहीं एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार भीड़ के मंच पर चढ़ जाने के बाद वे करीब पांच मिनट ही मंच पर रुके।
पुलिस और आयोजकों का पक्ष
मामला स्वरूप नगर थाना क्षेत्र का है। आयोजकों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और पुलिस की ओर से भी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। कार्यक्रम की अनुमति, क्षमता और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े सवालों के जवाब अब आयोजकों और प्रशासन के बयान के बाद ही साफ हो सकेंगे।

