“अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा, अपना राजनीतिक हक लेगा”: यूपी चुनाव से पहले ओवैसी का सपा-कांग्रेस पर निशाना, गठबंधन का विकल्प भी खुला रखा

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"अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा, अपना राजनीतिक हक लेगा": यूपी चुनाव से पहले ओवैसी का सपा-कांग्रेस पर निशाना, गठबंधन का विकल्प भी खुला रखा

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि मुस्लिम समुदाय अब केवल दरी बिछाने वाला नहीं रहेगा, बल्कि अपना राजनीतिक हक लेगा। लखनऊ, श्रावस्ती और बहराइच समेत प्रदेश के कई इलाकों के दौरे के दौरान उन्होंने यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी और योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने से रोकना है तो विपक्षी दलों को साथ आना चाहिए। गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में स्थिति साफ हो जाएगी। सपा और कांग्रेस की ओर से इन बयानों पर प्रतिक्रिया अब तक नहीं मिली है।

ओवैसी ने क्या कहा

ओवैसी ने कहा कि अगर सपा और कांग्रेस साथ नहीं आना चाहतीं तो यह उनकी मर्जी है, लेकिन अब मुसलमानों को अपनी राजनीतिक संपत्ति समझने की राजनीति बंद करनी होगी। उनके मुताबिक देश के 19 करोड़ मुसलमान किसी की पैतृक संपत्ति नहीं हैं। श्रावस्ती की जनसभा में उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों से अल्पसंख्यक समुदाय को सिर्फ वोटर समझा गया। उन्होंने चाहा कि मुसलमानों की अपनी राजनीतिक पहचान हो।

यहां “दरी बिछाना” का आशय चुनावी सभाओं में दूसरों के लिए सहयोगी की भूमिका निभाने और केवल समर्थन देने से है। ओवैसी ने इसी के जरिए सपा और विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे चुनाव के समय मुस्लिम मतदाताओं को महत्व देते हैं, पर उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं।

गठबंधन और भिनगा सीट

श्रावस्ती और बहराइच की सभाओं में ओवैसी ने बीजेपी और सपा पर “नूरा कुश्ती” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी को तीसरी बार सरकार बनाने से रोकना है तो सपा को एआईएमआईएम के साथ गठबंधन पर विचार करना चाहिए। गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कोई ठोस घोषणा नहीं की।

श्रावस्ती की भिनगा विधानसभा सीट से उन्होंने दद्दन खान को एआईएमआईएम का प्रस्तावित उम्मीदवार घोषित किया। रिपोर्टों के अनुसार वे पहले बसपा में थे। 2022 के चुनाव में भिनगा से सपा की इंद्राणी देवी जीती थीं।

राजभर की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने ओवैसी की बात का समर्थन किया। राजभर ने कहा कि कांग्रेस और सपा दोनों ने मुसलमानों से “दरी बिछवाई” और जब नेतृत्व देने की बात आई तब उन्हें नजरअंदाज किया। सपा की ओर से इस आरोप पर कोई जवाब नहीं आया है।

पृष्ठभूमि

एआईएमआईएम ने बिहार में पिछले विधानसभा चुनाव में अकेले लड़कर पांच सीटें जीती थीं। अब वह उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में सक्रिय है। ओवैसी इससे पहले कानपुर की रैली में भी इसी तरह के बयान दे चुके हैं।

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