SIR पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दिन राहुल गांधी की पोस्ट: त्रिपुंड जैसी तस्वीर के साथ लिखा, सत्यम शिवम सुंदरम

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राहुल गांधी की सत्यम शिवम सुंदरम पोस्ट, SIR पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार, 27 अक्तूबर को एक्स पर तीन शब्द ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ लिखकर एक तस्वीर साझा की। तस्वीर में काले बैकग्राउंड पर तीन सफेद आड़ी रेखाएं हैं, जिन्हें एक लाल खड़ी रेखा काट रही है। यह डिजाइन भगवान शिव से जुड़े त्रिपुंड तिलक जैसा दिखता है। पोस्ट उसी दिन आई, जब सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई होनी है।

पोस्ट में क्या है

राहुल गांधी ने पोस्ट के साथ कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं लिखी है। इसलिए इसके मकसद को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं। अब तक उन्होंने या कांग्रेस ने इसकी कोई व्याख्या नहीं दी है, और इसे सुनवाई से जोड़ना राजनीतिक आकलन ही है।

त्रिपुंड शैव परंपरा का प्रतीक है, जिसमें माथे पर भस्म से तीन आड़ी रेखाएं बनाई जाती हैं। विद्वान एंटोनियो रिगोपोलोस के अनुसार, ये रेखाएं शिव की इच्छा, ज्ञान और क्रिया की तीन शक्तियों को दर्शाती हैं।

सुप्रीम कोर्ट में क्या है मामला

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग के कुछ फैसलों को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि आयोग के कुछ फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बाकी दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए। याचिकाओं में SIR पर रोक और जांच जैसी मांगें भी हैं। अदालत पहले केंद्र, चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को नोटिस जारी कर चुकी है। एक पिछली सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने ज्ञानेश कुमार को अंतरिम रूप से फैसले लेने से रोकने से इनकार कर दिया था। पीठ ने कहा था कि वह केवल समाचार रिपोर्टों के आधार पर आदेश नहीं दे सकती और उसे आयोग का आधिकारिक जवाब चाहिए।

चुनाव आयोग का जवाब

सुनवाई से पहले आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर आरोपों को खारिज किया है। आयोग के अनुसार, जून 2025, अक्तूबर 2025 और मई 2026 में SIR से जुड़े तीनों आदेश तीनों सदस्यों की सर्वसम्मति से जारी किए गए थे। हलफनामे को ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों ने मंजूरी दी है। आयोग ने कहा कि SIR के लिए इस्तेमाल होने वाला घोषणापत्र फॉर्म-6 से अलग दस्तावेज है। उसने यह भी माना कि ऑनलाइन आवेदन में दोनों के दिखाए जाने के तरीके से फॉर्म में बदलाव का भ्रम हो सकता था। रिपोर्टों के मुताबिक, आयोग ने अभी संक्षिप्त जवाब दिया है और विस्तृत जवाब के लिए अदालत से अनुमति मांगी है।

राहुल गांधी का अभियान

राहुल गांधी पिछले कुछ समय से SIR और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने आयोग पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है, जिसे आयोग ने खारिज किया है। अक्तूबर में उन्होंने कथित वोट चोरी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च की घोषणा की थी। उनका कहना था कि प्रदर्शनकारी मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर SIR रोकने और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे। पुलिस के रोकने पर योजना बदलनी पड़ी। इस आंदोलन को उन्होंने शिव के तांडव और शिव की बारात जैसा बताया था। कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट बचाओ रैली की घोषणा भी की है।

आगे क्या

इस खबर के लिखे जाने तक सुनवाई का नतीजा सामने नहीं आया था। अदालत के रुख और आयोग के विस्तृत जवाब के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामला किस दिशा में जाएगा।

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