बस में छात्रा का हाथ पकड़ने के वीडियो पर तेलंगाना कांग्रेस विधायक रंगा रेड्डी विवाद में, भाजपा-बीआरएस के आरोप; विधायक बोले, पिता जैसा स्नेह था

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कांग्रेस विधायक रंगा रेड्डी बस वीडियो विवाद: भाजपा-बीआरएस के आरोप, विधायक का जवाब

तेलंगाना के इब्राहिमपटनम से कांग्रेस विधायक मलरेड्डी रंगा रेड्डी का एक वीडियो अक्तूबर की शुरुआत में सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद का विषय बना है। वीडियो में 70 वर्षीय विधायक चलती बस में दो छात्राओं से बातचीत करते और उनमें से एक का हाथ पकड़ते दिख रहे हैं। भाजपा और बीआरएस ने इसे अनुचित व्यवहार बताया है। रंगा रेड्डी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने पिता जैसे स्नेह से बात की थी। यह मामला अदालत या पुलिस जांच में साबित हुआ आरोप नहीं है। इस रिपोर्ट में आरोप, वीडियो की सामग्री और विधायक के बयान को अलग-अलग रखा गया है।

वीडियो में क्या दिखता है

रिपोर्टों के अनुसार, विधायक तेलंगाना सरकार की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की ‘महालक्ष्मी’ योजना का हाल देखने बस में सवार हुए थे। बस इब्राहिमपटनम से यमजल की ओर जा रही थी। वीडियो में वे सीट पर बैठे एक छात्रा से बात करते दिखते हैं। एक जगह वे उसका हाथ पकड़ते और अपनी ओर खींचते नजर आते हैं, जबकि वह पीछे हटती दिखती है। इसके बाद वे फिर उसका हाथ पकड़ते हैं। वीडियो में दो महिलाएं उनके पास खड़ी दिखती हैं। वीडियो की प्रमाणिकता और संदर्भ पर पुलिस या किसी स्वतंत्र एजेंसी की जांच का नतीजा अभी सामने नहीं आया है।

विपक्ष के आरोप

भाजपा ने आरोप लगाया कि विधायक ने युवती की कमर पर हाथ रखने की कोशिश की, जबकि वह साफ तौर पर पीछे हट रही थी। पार्टी ने इसे कांग्रेस के पितृसत्ता खत्म करने के नारे के खिलाफ पाखंड बताया।

बीआरएस के महासचिव आरएस प्रवीण कुमार ने सवाल किया कि विधायक ने छात्रा का हाथ क्यों पकड़ा और कथित तौर पर उसे गलत तरीके से क्यों छुआ। उन्होंने तेलंगाना राज्य महिला आयोग से विधायक को तलब करने, पुलिस महानिदेशक से बस के कंडक्टर की शिकायत पर मामला दर्ज करने और बस में महिला सुरक्षाकर्मियों की गैरमौजूदगी पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर महिलाओं का अपमान करने में होड़ करने का आरोप भी लगाया।

विधायक का पक्ष

रंगा रेड्डी ने कहा कि उन्होंने छात्राओं से पिता जैसे स्नेह के साथ बात की थी और बीआरएस ने बातचीत को गलत तरीके से पेश किया है। एक वीडियो बयान में उन्होंने बताया कि वे जिला कलेक्टर कार्यालय की बैठक के बाद बस में चढ़े थे, यात्रियों से बात की और भीड़ को देखते हुए और बसें चलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बस के मुड़ते समय रिकॉर्ड हुए वीडियो का अर्थ गलत निकाला जा रहा है और वे लड़कियों का बहुत सम्मान करते हैं। रिपोर्टों में विधायक के समर्थन में एक स्थानीय नेता के हवाले से यह दावा भी आया कि स्पर्श अनजाने में बस के मुड़ने पर हुआ।

पुलिस की कार्रवाई

रिपोर्टों के अनुसार, इब्राहिमपटनम पुलिस ने 8 अक्तूबर को वीडियो साझा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। उस समय तक विधायक के खिलाफ किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई थी। यह रिपोर्ट लिखे जाने तक मुझे महिला आयोग या पुलिस की ओर से विधायक पर किसी औपचारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं मिली।

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