जंतर-मंतर प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस कार्रवाई की जांच समिति को एक महीने में रिपोर्ट देने को कहा, सीजेपी नेताओं से क्राइम ब्रांच ने की पूछताछ

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जंतर-मंतर प्रदर्शन: SC ने समिति से एक महीने में मांगी रिपोर्ट, CJP नेताओं से पूछताछ

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व वाले छात्र प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई के आरोपों की जांच कर रही उच्च-स्तरीय समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि वह नतीजों के लिए अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं कर सकती। उसी दिन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका जंतर-मंतर से जुड़े मामलों में पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए। ये दोनों अलग-अलग घटनाक्रम हैं।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ

पूर्व न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति ने 31 अक्टूबर को सीलबंद लिफाफे में अदालत को रिपोर्ट सौंपी थी। अदालत ने गौर किया कि यह सिर्फ स्टेटस रिपोर्ट थी, जिसमें अब तक के काम का विवरण था, लेकिन पुलिस की कथित ज्यादती के आरोपों पर कोई निष्कर्ष नहीं था। याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि समिति अगस्त में बनी, पर उसकी प्रगति की जानकारी नहीं मिली।

रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने समिति से कहा कि वह अब तक मिले सभी दस्तावेजों, वीडियो और अन्य सबूतों की जांच शुरू करे और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगे। समिति को सिर्फ पीड़ितों की सीधी शिकायतों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उसे पीड़ितों की ओर से वकीलों और अन्य लोगों द्वारा दी गई शिकायतों, वीडियो और सबूतों पर भी विचार करना होगा। अदालत ने कहा कि नियुक्त न्याय मित्र (एमिकस क्यूरी) और नोडल अधिकारियों को शिकायतें और सबूत दिए जाएंगे, ताकि समिति उनकी जांच कर आगे की सिफारिशें दे सके। मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी।

समिति किस मामले की जांच कर रही है

सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में यह समिति जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी के छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर लगे आरोपों की जांच के लिए बनाई थी। रिपोर्टों के अनुसार, इनमें पैलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन, लाठीचार्ज और आंसू गैस के कथित अत्यधिक इस्तेमाल के आरोप शामिल हैं। पुलिस कर्मियों पर हिंसा और संपत्ति को नुकसान के जवाबी आरोप भी समिति के दायरे में हैं।

क्राइम ब्रांच में पूछताछ

अधिकारियों के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रांका गुरुवार को राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे, जहां उन्हें अक्टूबर में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामलों में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ये मामले 13 अक्टूबर की घटना से जुड़े हैं, जब प्रदर्शनकारी कथित तौर पर बिना अनुमति जंतर-मंतर में दाखिल हुए थे। रिपोर्टों में बताया गया है कि वह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के विरोध में था। जंतर-मंतर अब प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं है। पुलिस ने अब तक यह नहीं बताया कि पूछताछ में किन बिंदुओं पर सवाल किए गए या आगे क्या कार्रवाई होगी।

पृष्ठभूमि

कॉकरोच जनता पार्टी मई 2026 में ऑनलाइन शुरू हुआ एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक अभियान है, जिसने छात्रों के मुद्दों पर कई प्रदर्शन आयोजित किए हैं।

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