पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी) के पीसीएस मेन्स परिणाम पर अभ्यर्थियों और कई राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए हैं। 4 नवंबर की देर रात घोषित परिणाम में 331 पदों के लिए 751 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए अनंतिम रूप से चुना गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कुछ परीक्षा कमरों से असामान्य रूप से अधिक चयन हुए हैं और परिणाम में ऐसे रोल नंबर भी हैं जिनके उम्मीदवार परीक्षा में अनुपस्थित थे। ये आरोप अभी स्थापित नहीं हुए हैं, और पीपीएससी या राज्य सरकार का कोई विस्तृत जवाब अब तक नहीं मिला है।
अभ्यर्थियों के आरोप
अभ्यर्थियों ने परिणाम का अपना विश्लेषण सामने रखा है। उनके अनुसार:
- कमरों से अधिक चयन: चार अलग-अलग परीक्षा केंद्रों के एक-एक कमरे से 10-11 उम्मीदवार चुने गए। केंद्र-7 के कमरा नंबर-8 में परीक्षा देने वाले 24 में से 11 (45.8 प्रतिशत) शॉर्टलिस्ट हुए। केंद्र-11 के कमरा नंबर-14 और केंद्र-4 के कमरा नंबर-19 में 24-24 में से 10-10 (41.7 प्रतिशत) चुने गए।
- लगातार रोल नंबर: 86 चयनित उम्मीदवार ऐसे समूहों में हैं, जिनके रोल नंबर लगातार हैं।
- अनुपस्थित उम्मीदवार: सूची में कुछ ऐसे रोल नंबर भी हैं, जिनके उम्मीदवार मेन्स में अनुपस्थित थे।
- इंटरव्यू के लिए कम उम्मीदवार: अभ्यर्थियों का कहना है कि हर पद के लिए तीन उम्मीदवारों को बुलाने की परंपरा या नियम के अनुसार 331 पदों पर 993 उम्मीदवार बुलाए जाने चाहिए थे, जबकि 751 बुलाए गए। वे आयोग से इस प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांग रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि एक ही कमरे से इतने चयन सामान्य संयोग नहीं माने जा सकते और इसकी जांच होनी चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार कुछ अभ्यर्थियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पंजाब के मुख्यमंत्री और सीबीआई को अभ्यावेदन भेजकर स्वतंत्र जांच की मांग की है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता और लीगल सेल के प्रेसिडेंट एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि परिणाम ने भर्ती की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और भगवंत मान सरकार को जवाब देना होगा। कांग्रेस के परगट सिंह ने लगातार रोल नंबर और अनुपस्थित अभ्यर्थियों के रोल नंबर सूची में होने का मुद्दा उठाते हुए पीपीएससी अध्यक्ष से स्पष्टीकरण और निष्पक्ष जांच की मांग की। भाजपा के सुनील जाखड़ ने सीबीआई जांच की मांग की है।
अब तक की स्थिति
पीपीएससी द्वारा घोषित परिणाम अनंतिम है। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के दस्तावेजों का सत्यापन पटियाला स्थित आयोग कार्यालय में 11 से 17 नवंबर तक होना है। आयोग का पक्ष आने पर खबर अपडेट की जाएगी।

