उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान आगामी विधानसभा चुनाव, पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर चर्चा हुई।
चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श
मुलाकात के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनाने के संकल्प को लेकर अमित शाह के साथ विस्तृत रणनीति पर चर्चा हुई। उनके अनुसार, पार्टी कार्यकर्ता प्रदेश में विशेष जनसंपर्क अभियान चलाकर डबल इंजन सरकार की योजनाओं और उनके लाभों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएंगे। इस अभियान के तहत गरीब और आम परिवारों को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से जुड़ी जानकारी दी जाएगी, साथ ही विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को लेकर भी जनसंवाद किया जाएगा।
केशव मौर्य ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
डिप्टी सीएम ने दावा किया कि विपक्ष के करीब 70 वर्षों के शासनकाल में जो काम पूरे नहीं हो सके, वे मोदी सरकार के बीते 12 वर्षों में धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इसके उदाहरण के तौर पर पक्के आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही वैश्विक स्तर पर देश का गौरव बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व जरूरी है। यह भाजपा नेतृत्व का अपना आकलन है, जिसे विपक्षी दल समय-समय पर चुनौती देते रहे हैं।
अमित शाह का जताया आभार
मुलाकात के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री का संगठनात्मक अनुभव, मार्गदर्शन और परामर्श पार्टी व सरकार को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पृष्ठभूमि: 2027 से पहले सक्रिय हुआ संगठन
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और उसके शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार संवाद देखा जा रहा है। हाल के महीनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकातें होती रही हैं, जिन्हें चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी संगठन स्तर पर भी बूथ और मंडल स्तर तक सक्रियता बढ़ाने के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

