पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद में गुरुवार शाम DSP दफ्तर के पास फायरिंग की घटना हुई। पुलिस ने इस सिलसिले में दो युवकों को पकड़ा है और उनके कब्जे से एक अवैध .32 बोर पिस्टल बरामद की है। पुलिस के अनुसार फायरिंग में किसी के गोली लगने या घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। बाकी आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
कैसे हुई घटना
पुलिस के मुताबिक, शाम को सूचना मिली थी कि लाल बत्ती चौक पर तीन-चार बाइकों पर सवार कुछ युवक DSP दफ्तर की ओर जा रहे हैं। इसके कुछ ही देर बाद फायरिंग की सूचना मिली। सिटी जलालाबाद थाना प्रभारी के अनुसार, एक फायर किए जाने की रिपोर्ट मिली है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बाइक सवार कुछ युवक एक दूसरी बाइक पर सवार दो लोगों का पीछा कर रहे थे। जब वे DSP दफ्तर के पास पहुंचे तो गोली चलाई गई। पुलिस के अनुसार कुछ आरोपी DSP दफ्तर के भीतर भी दाखिल हो गए थे। पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए दो युवकों को काबू कर लिया।
कौन गिरफ्तार हुआ
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोना सिंह उर्फ सोनू और आकाश के रूप में की है। आकाश के पिता का नाम परमजीत बताया गया है और वह थाना वैरोका क्षेत्र का रहने वाला है। दोनों के कब्जे से .32 बोर की अवैध पिस्टल मिली है।
थाना प्रभारी ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि फायरिंग किस पिस्टल से हुई। बरामद पिस्टल से इसका मिलान किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फायरिंग की वजह क्या
फायरिंग की वजह पुलिस ने अभी स्पष्ट नहीं की है। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा मंदिर प्रबंधन से जुड़ा विवाद और मंदिर की जमीन पर दुकानों का निर्माण भी संभावित कारणों के रूप में सामने आए हैं। पुलिस मंदिर ट्रस्ट और उसकी संपत्ति से जुड़े कानूनी पहलुओं की भी जांच कर रही है। इन कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
अब आगे क्या
पुलिस ने कहा है कि घटना से जुड़े सभी आरोपों और दावों की पुष्टि की जा रही है। फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। जांच पूरी होने तक घटना के कारणों और आरोपियों की भूमिका पर पुलिस ने कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया है।

